लाल किला का इतिहास

लाल किला का इतिहास | Red Fort History in Hindi
लाल किला का इतिहास के वजह से आज लाल किला पूरी दुनिया में सबसे लोकप्रिय पर्यटक स्थलों में से एक है। 1648 में शाह जहां द्वारा बना दिल्ली का लाल किला अपने साथ अनेक किस्से कहानियों को समेटे हुए है। दिल्ली के इस लाल किला में कई मुग़ल, और अंग्रेजी शासक आए और गए, जिनके वजह से यह और भी ज्यादा रहस्यमय होता गया। मुगलों के सुहावने मौज़ मस्तियों वाले दिनों से लेकर अंग्रेज़ों के अत्याचार के दिनों तक, सब कुछ इस लाल किला ने देखा है।

भारत में कुल दो लाल किला है। एक आगरा में है और दूसरा दिल्ली में है। दिल्ली का लाल किला अपने शाही अंदाज़, आश्चर्यजनक नक्काशियों, और दिमाग घुमा देने वाले आर्किटेक्चर के वजह से भारत का गौरव बन चूका है।भारत में हर साल 15 अगस्त को लाल किले पर देश के मौजूदा प्रधानमंत्री द्वारा तिरंगा फहराया जाता है। आज आप लाल किला के इतिहास के बारे में विस्तार से जानेंगे।

लाल किला, दिल्ली का इतिहास
लाल किला, दिल्ली - लाल किला का इतिहास 

आज देश विदेश से लाखों लोग इस लाल किला को देखने आते है। जब लोग दिल्ली के इस लाल किला को देखने आते है तब सही जानकारी न होने से लाल किला को जान नहीं पाते। और ऐसे में लाल किला के कई रहस्य दबे रह जाते है। आज मैं आपको दिल्ली के लाल किला  इतिहास से जुड़ी पूरी जानकारी दूंगा। ताकि आप लाल किला को अच्छे से जान पाएं।

लाल किला का इतिहास

लाल किला का निर्माण 1639 में बादशाह शाहजहां शुरू हुआ और 1648 में ख़तम हुआ। इस किले में बादशाह शाहजहां ने 1648 लेकर 1658 तक शाषण किया। इसके बाद लाल किले पर 31 जुलाई 1658 से 3 मार्च 1707 तक औरंगजेब का शाषन चला। औरंगजेब ने लाल किला को मॉडिफाई करते हुए यहाँ एक मस्जिद बनवाया। औरंगजेब की मृत्यु के बाद कोई दूसरा बादशाह न होने के कारण लाल किला 30 सालों तक लावारिस पड़ा रहा।


04 नवंबर 1712 में जहंदर शाह ने लाल किला पर कब्ज़ा किया, तुरंत बाद ही जहंदर शाह को युद्ध में हरा कर फर्रुखसियर लाल किला का बादशाह बन गया। जहंदर शाह ने युद्ध तो जीत लिया था लेकिन शासन चलने में नाकामयाब साबित हुआ। लाल किला और अपने प्रजा की देख रेख के लिए जहंदर शाह ने किले के सारे गहने, आभूषणों, और महंगे तत्वों को बेच दिया।

lal kila ka yudh
मुग़ल सेना - लाल किला का इतिहास

18 मार्च 1719 को लाल किला में मुहम्मद शाह (रंगीला राजा ) का शाषन आया, जिन्होंने 1739 तक लाल किला पर शाषन किया। 1739 में मुहम्मद शाह को फारसी सम्राट नादिर शाह ने युद्ध में हरा दिया और लाल किले को अपने कब्ज़े में कर लिया। नादिर शाह ने कोहिनूर का हीरा लूट लिया और लाल किला को पूरी तरह बर्बाद कर दिया और सिर्फ 3 महीने बाद ही अपने देश फ्रांस वापस चला गया।

1752 में मराठाओं ने दिल्ली को जीत लिया और शाहजहानाबाद से इस शहर का नाम बदल कर दिल्ली रख दिया गया। 1761 में पानीपत की तीसरी लड़ाई में दिल्ली में अहमद शाह दुर्रानी का कब्ज़ा हो गया। 1771 में शाह आलम ने मराठाओं से मदद माँगा और अहमद शाह दुर्रानी को हरा कर दिल्ली को वापस अपने कब्ज़े में ले लिया।

1783 में बघेल सिंह धालीवाल ने सिख मिसल किरोरीसिंघीया के साथ मिलकर दिल्ली पर विजय प्राप्त किया। लेकिन वापस से शाह आलम को ही राजा बना दिया गया और दिल्ली में 7 गुरुद्वारा बनवाने का आदेश दिया। इसके बाद लाल किला पर मुगलों की लड़ाई ब्रिटिश सेना से बार बार हुई और आखिर में बहादुर शाह द्वितीय को 17 सितम्बर 1857 में अंग्रेज़ों का गुलाम बनना पड़ा।

लाल किला, दिल्ली का इतिहास
मुग़ल युद्ध - लाल किला का इतिहास

अब लाल किला पूरी तरह से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का हो गया। अंग्रेज़ों ने लाल किला को अपना शाही निवास बना लिया। लूटने के मकसद से अंग्रेज़ों ने लाल किला को काफी नुकसान पहुंचाया। साथ ही बचा खुचा खजाना भी लूट लिया। लेकिन 1899 से लेकर 1905 में ब्रिटिश शाषक लार्ड कर्जन ने लाल किला की मरम्मत कराई। और इसी दौरान सफ़ेद किला-ए-मुबारक को रंग कर लाल किला बना दिया गया। लाल किला 1648 से लेकर 1857 तक मुगलों का मुख्य शाही निवास रहा था।


15 अगस्त 1947 में देश की आज़ादी के बाद लाल किला भारतीय सरकार का हो गया। आज़ादी के बाद भारत सरकार ने लाल किला को सैनिक परीक्षण के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा। 2009 में लाल किला को UNESCO world heritage site में शामिल किया गया और फिर इस किले को टूरिस्ट स्पॉट बना दिया गया।

दिल्ली का लाल किला किसने बनवाया था ?

लाल किला के इतिहास में शाहजहां का बड़ा योगदान था, क्युकी शाहजहां को बड़े बड़े महल और इमारत बनवाने का शौक था। शाहजहां पहले आगरा में रहते थे, और वहाँ भी आपको एक लाल किला देखने को मिलेगा, जो दिल्ली के लाल किला से भी पुराना है। आगरा के मौसम से तंग आकर शाहजहां ने दिल्ली को मुग़ल साम्राज्य की राजधानी चुन लिया।

लाल किला, दिल्ली का इतिहास
लाल किला की नक्काशियां - लाल किला का इतिहास

इसका चुनाव शाहजहां के दो ख़ास कारीग़र उस्ताद अहमद और उस्ताद हमीद द्वारा किया गया। इन दो खास कारीगरों ने यमुना नदी का किनारा सही बताया। उन दिनों वहाँ सिर्फ जंगल हुआ करते थे, जंगलों  साफ़ करवाकर वहाँ शाहजहानाबाद नाम का शहर बसाया गया। शाहजहानाबाद को आज दिल्ली के नाम से जाना जाता है।

13 मई 1639 में मुग़ल साम्राज्य के 5वें बादशाह शाहजहां द्वारा लाल किले की पहली नींव राखी गई। इस लाल किले को बनने में कुल 9 साल का समय लगा। अनेक प्रसिद्ध शिल्पकारों, विशेषज्ञों, और हज़ारों मजदूरों की मेहनत के बाद सन 1648 में दिल्ली का लाल किला पूरी तरह बन कर तैयार हो गया। किले के बनने के बाद बादशाह के स्वागत के लिए यहाँ 10 दिनों तक समारोह चलते रहे। इसके लिए लाल किला की सजावट में कोई कमी नहीं रखी गयी। लाल किला के इतिहास में मुगलों का यह दौड़ सबसे खुशनुमा पल था।

लाल किला, दिल्ली का इतिहास
नहर ए बहिश्त - लाल किला का इतिहास

इस लाल किले में कई कमरे, तहखाने, जेल बने हुए है। किले की रक्षा के लिए चारों तरफ 60 फ़ीट से भी ऊँची दीवारें बानी हुई है। इसके साथ ही किले के अंदर काफी सूंदर बाग़ बगीचे, और शाही तालाब भी बनाये गए। किले में इस्तेमाल किये जाने वाले कीमती पत्थरों को अफ्रीका, ईरान, अफगानिस्तान, और चाइना से मंगाया गया था।

शाहजहां कौन था ?

शाहजहां, मुग़ल सल्तनत के 5वें बादशाह थे। शाहजहां का जन्म 5 जनवरी 1592 में हुआ था तथा 22 जनवरी 1666 में उनकी मृत्यु हुई थी। शाहजहां का मूल नाम खुर्रम था और पूरा नाम अल आज़ाद अबुल मुजफ्फर शहाब उद-दिन मोहम्मद शाहजहाँ था। शाहजहां के पिता का नाम जहांगीर था, और माता का नाम जगतगोसाई था। शाहजहां के बारे में हम मुहम्मद अमीर काजविनि, अब्दुल हमीद लाहौरी, और मुहम्मद वारिस द्वारा लिखित पादशाह नामक ग्रन्थ में पढ़ सकते है।

बादशाह शाहजहां का इतिहास
अल आज़ाद अबुल मुजफ्फर शहाब उद-दिन मोहम्मद शाहजहाँ - लाल किला का इतिहास

4 फरबरी 1628 में शाहजहां पहली बार आगरा के किले पर शाषन किया। शाहजहां की तीन बार शादी हुई, जिसमे  10 मई 1612 मुमताज़ महल से, 2 सितम्बर 1617 में अकबरबादी महल से, और 3 सितम्बर 1617 में इज़्ज़ उन निस्सा से निक़ाह किया। इसके अलावा शाहजहां की कई दासियाँ भी थी। 1631 में मुमताज़ महल की मौत प्रसव पीड़ा के कारण हुई थी। उनके कब्र के लिए शाहजहां ने ताज़ महल का निर्माण करवाया था।


शाहजहां के चार पुत्र थे। 1. लघु अकबर, 2. शाहशुजा, 3. औरंजेब, 4. मुराद। जिसमे औरंगजेब ने आगे चल कर मुग़ल साम्राज्य का विस्तार किया। शाहजहां के शाषन काल में सबको न्याय मिलता था।

शाहजहां ने अपने जीवन काल में दिल्ली का लाल किला, जामा मस्जिद, ताज़ महल, लाहौर का किला, और शीश महल जैसे कई किले और महलों का निर्माण कराया था। शाहजहां ने अपने आक्रामक सेना के साथ कर्नाटक, हैदराबाद, गुजरात, और दिल्ली को जीत लिया था।

लाल किला, दिल्ली का इतिहास
लाल किला की दीवारें - लाल किला का इतिहास

1633 में शाहजहां ने भारत में 76 से भी ज्यादा प्रमुख मदिरों को तुड़वाया था, साथ ही नए मंदिरों को बनाने पर भी रोक लगा दिया था। हिन्दू-मुस्लिम के विवाह पर भी रोक लगाने लगे और जैन मंदिरों को बनाने में योगदान देने लगे। शाहजहां ने गौ हत्या पर भी रोक लगाने का आदेश दिया था। इतिहासकार, शाहजहां के शाषन काल को मुग़ल के शाषन काल का स्वर्ण युग कहते है।

लाल किला के बारे में रोचक बातें

दिल्ली का लाल किला दिल्ली में शाहजहांबाद में स्थित है, जो आज दिल्ली के नाम से जाना जाता है। यह 2.4 किलोमीटर की रेंज में फैला हुआ है। 

लाल किला, दिल्ली का इतिहास
 लाल किला का इतिहास

लाल किला का असली नाम किला-ए-मुबारक था। और यह पहले सफ़ेद पत्थर का बना हुआ था। मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर को युद्ध में हरा कर अंग्रेज़ों ने लाल किला पर कब्ज़ा कर लिया। कई सालों की देख रेख के बाद किले का सफ़ेद पत्थर पीला पड़ने लगा। फिर अंग्रेज़ों ने पुरे किले पर पत्थर को लम्बे समय तक टिकाए रखने वाले लाल केमिकल का लेप लगा दिया। और पूरा किला लाल रंग का हो गया। तभी से इस किले को किला-ए-मुबारक न बोल कर सीधा लाल किला बोलने लगे।


मुग़ल सल्तनत के 6वें बादशाह औरंगजेब के शाषन के बाद मुग़ल साम्राज्य हल्का पड़ता गया। लाल किला के इतिहास में यह सबसे ज्यादा दुःख और तकलीफों का समय था। गरीबी से बचने के लिए किले के लगभग सभी गहनों को बेच दिया गया और छत व दीवारों पर से भी सोना, चांदी भी निकाल लिए गए। बाद में नादिर शाह ने किले पर कब्ज़ा कर बाकि बचे सभी कीमती सामान भी ले गया। और कुछ तहखाने में छुपाये गए हीरे जवाहरातों जैसे कोहिनूर का हिरा और बादशाह का शाही ताज को अंग्रेज़ों ने लूट लिया। इस तरह लाल किला अब सिर्फ पत्थर का किला ही रह गया।

लाल किला, दिल्ली का इतिहास
दीवान ऐ खास - लाल किला का इतिहास

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. लाल किला किसने बनवाया ?
लाल किला मुग़ल साम्राज्य के 5वें बादशाह शाहजहां ने बनवाया था। पहले यह आगरा के किले में रहते थे। लेकिन फिर आगरा के मौसम से बचने के लिए दिल्ली आ गए। और अपने रहने के लिए लाल किला बनवा लिया।

Q. लाल किला कब बना ?
1639 से लाल किला का निर्माण शुरू हुआ, जो 1648 तक बन तैयार हो चूका था। इस तरह लाल किला को कुल 9 साल का समय लगा।

Q. शाहजहां कौन था ?
शाहजहां, मुग़ल साम्राज्य के 5वें बादशाह थे। जिन्होंने अपने जीवन काल में लाल किला, शीश महल, और ताज़ महल जैसे बड़े और महत्वपूर्ण किलों का निर्माण कराया। इनका जन्म 1592 में हुआ और 1666 में इनकी मृत्यु हो गयी थी।

Q. शाहजहां का पूरा नाम क्या था ?
शाहजहां का पूरा नाम अल आज़ाद अबुल मुजफ्फर शहाब उद-दिन मोहम्मद शाहजहाँ था। वैसे इनका मूल नाम खुर्रम था।

Q. लाल किला कहाँ स्थित है ?
लाल किला शाहजहानाबाद में स्थित है। और आज शाहजहानाबाद दिल्ली के नाम से जाना जाता है। लाल किला दिल्ली के पुरानी दिल्ली में स्थित है, और पुरानी दिल्ली में यह किला चांदनी चौक के पास स्थित है।
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